‘‘रस्यार’’ का परिचय 

‘‘रस्यार’’ नाम कुछ सुना हुआ सा लगता है ना? खास कर उत्तराखण्ड के रहनवासी ‘‘रस्यार’’ को खूब जानते हैं। आप बिल्कुल ठीक पहचाने! मैं तो हर घर में रहती हूँ। हर किसी का खयाल रहता है मुझे। और तो और हर किसी की पसंद मुझे पता है।

अब मैं केवल अपने घर तक ही सीमित नहीं हूँ। मैं निकल पड़ी हूँ अपने हाथों से बने पकवानों के स्वाद और मिठास को दुनियाँ में फैलाने। क्या आप भी मेरे साथ चलेंगे? आईयें हम दुनियाँ को दिखा दें! एक ‘‘रस्यार’’ का जलवा।

जो साथी ‘‘रस्यार’’ नाम पहली बार सुन रहे हैं उन्हें अपना परिचय देना तो बनता है। तो साथियों हमारे उत्तराखण्ड के पहाड़ी क्षेत्रों में ‘‘रस्यार’’ उस महिला को कहा जाता है, जो पूरे परिवार के लिए खाना बनाती है।

उसे खाना बनाते वक्त परिवार के प्रत्येक सदस्य चाहे वह छोटा हो या बड़ा हर किसी की पसंद और नापसंद का भी खयाल रखना होता है। लेकिन इन सबके बाद भी ‘‘रस्यार’’ के हाथ का बना गजब का खाना खाकर हर कोई अपनी उंगलियां चाटने और चटकारे लेने को विवश हो जाता है।

हमारे ग्रामीण अंचलों में संयुक्त परिवारों की परम्परा आज भी है। परिवार में छोटे-बड़े सभी सदस्य एक साथ बैठकर भोजन का अनन्द लेते हैं। संयुक्त परिवार होने के चलते लगभग रोज ही मेहमानों का आना जाना भी लगा रहता है। ऐसे में प्रतिदिन का भोजन एक त्योहार की तरह ही संपन्न होता है।

हमारे कुमाऊँ और गढ़वाल के ग्रामीण क्षेत्रों की भोजन परम्परा काफी स्वस्थ व समृद्ध रही है। हजारों ऐसे पकवान हैं जो यहाँ बनाये और चाव के खाये जाते हैं। इन पकवानों को बनाने में लगने वाले शुद्ध पहाड़ी मसालों की तो बात ही क्या कहने वाह! आप तो अपनी उंगलियां ही चाटते रह जायेंगे।

इस वैबसाइट को शुरू करने के पीछे हमारा उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट और साफ है। हम अपनी हजारों ‘‘रस्यार’’ माताओं और बहिनों के हुनर को देश दुनियाँ तक पहुँचाना चाहते हैं। ताकि दुनियाँ उस सुन्दर और लजीज स्वाद का आनंद उठाकर अपने जीवन के लम्हों को खुशियों से भर लें।

इस वैबसाइट में दिये गये सभी प्रकार के पकवान, मिठाईयाँ, चटनी, अचार, पेय व रस सच में जबरदस्त स्वाद से भरे होने के साथ ही स्वास्थ्य की दृष्टि से भी जबरदस्त गुणों को समेटे हैं। हम आपको इन सभी पकवानों के खाने से होने वले स्वास्थ्य लाभों की जानकारी भी देने की कोशिश करेंगे।

यह वैबसाइट Know On हिन्दी डिजिटल मीडिया नेटवर्क से जुड़ी जोशीली महिलाओं की टीम द्वारा प्रारम्भ की गयी है। जिसमें Know On हिन्दी डिजिटल मीडिया नेटवर्क की टीम द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाता है।

यह वैबसाइट सभी ‘‘रस्यार’’ माताओं और बहिनों को उनके अनोखे और लाजवाब पकवानों का स्वाद देश दुनियाँ तक पहुँचाने में मदद करती है। अगर आप भी एक ‘‘रस्यार’’ हैं तो आज ही अपनी अनोखी रैसिपी को हमें लिख भेजिए।

शुभकामनाओं के साथ 

टीम ‘‘रस्यार’’